58वें शिवडोले में राजसी पालकी पर निकले सिद्धनाथ महादेव, 27 झांकियां और सैकड़ों कलाकार बने आकर्षण का केंद्र
खरगोन। मध्य प्रदेश के सबसे बड़े और भव्य शिवडोलों में शामिल खरगोन का ऐतिहासिक 58वां शिवडोला रविवार को राजसी ठाठ-बाट और हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में नगर भ्रमण के लिए निकला। अधिष्ठाता भगवान श्री सिद्धनाथ महादेव की राजसी पालकी के दर्शन के लिए शहर की सड़कों पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। मंदिर से निकलते ही भगवान की पालकी पर श्रद्धालुओं ने गुलाब के फूलों की वर्षा की और पूरा शहर हर-हर महादेव और जय शिव शंभू के जयकारों से गूंज उठा।
रविवार सुबह भावसार मोहल्ला स्थित सिद्धनाथ महादेव मंदिर में विशेष अभिषेक और पूजन के साथ धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हुई। इसके बाद शिवडोला नगर भ्रमण पर निकलने से पहले मुख्य झांकी पर महाआरती की गई। विधायक बालकृष्ण पाटीदार, कलेक्टर गुरु प्रसाद, एसपी रवींद्र वर्मा, शिवडोला समिति अध्यक्ष नवनीत भंडारी तथा सकल हिंदू समाज के प्रतिनिधियों ने भगवान की महाआरती की।
महाआरती के बाद जैसे ही भगवान सिद्धनाथ महादेव की राजसी पालकी मंदिर परिसर से बाहर निकली, मध्यप्रदेश पुलिस बैंड की टीम ने भगवान को विशेष सलामी दी। शंखनाद, नगारों और जयकारों के बीच निकली भगवान की सवारी ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
27 झांकियों के साथ निकला आस्था और संस्कृति का विराट कारवां
58वें शिवडोले की भव्यता इस बार विशेष रूप से देखने को मिल रही है। मुख्य राजसी रथ सहित 27 धार्मिक और पौराणिक झांकियां, लोकनृत्य दल, अखाड़े, ढोल-ताशा दल, नगाड़ा दल, भजन मंडलियां और घुड़सवार इस विशाल धार्मिक यात्रा का हिस्सा बने हैं।
झांकियों में भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों के साथ महाकाल, महाबलेश्वर, अंबे माता, श्रीकृष्ण-सत्यभामा, नरकासुर, संत सिंगाजी और अन्य पौराणिक प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। शिवडोले में शामिल गौरिल्ला नृत्य, शिव-पार्वती अघोरी नृत्य, आदिवासी लोकनृत्य, मयूर नृत्य, गणगौर, कालबेलिया और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं।
80 से अधिक सेवा मंचों पर शिवभक्तों की सेवा
शिवडोले के पूरे मार्ग में शहर के सामाजिक, धार्मिक और व्यापारी संगठनों ने 80 से अधिक सेवा मंच लगाए हैं। यहां श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद, फल, खिचड़ी, भजिया, छाछ, शरबत, पोहा और अन्य खाद्य सामग्री के साथ शीतल पेयजल की व्यवस्था की गई है।
कई स्थानों पर भगवान की सवारी का पुष्पवर्षा से स्वागत किया जा रहा है, जबकि प्रमुख चौराहों पर विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन किए गए हैं। शिवडोले के साथ चल रही हजारों की भीड़ के कारण शहर में दिनभर शिवभक्ति का माहौल बना हुआ है।
देर रात मंदिर लौटेगा शिवडोला
भावसार मोहल्ले से शुरू हुआ यह विशाल शिवडोला शहर के प्रमुख मार्गों से होकर देर रात पुनः सिद्धनाथ महादेव मंदिर पहुंचेगा। हजारों श्रद्धालु यात्रा के साथ चल रहे हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोग मार्ग के दोनों ओर खड़े होकर भगवान सिद्धनाथ महादेव के दर्शन कर रहे हैं।
58 वर्षों की परंपरा को आगे बढ़ाता खरगोन का यह शिवडोला आज केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता का विराट उत्सव बन गया है। राजसी पालकी, फूलों की वर्षा, पुलिस बैंड की सलामी और हजारों शिवभक्तों के जयकारों के बीच खरगोन रविवार को पूरी तरह शिवमय नजर आ रहा है।
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