58वां शिवडोला कल: राजसी रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण करेंगे सिद्धनाथ महादेव
27 झांकियां, अखाड़े, लोकनृत्य और ढोल-ताशों के साथ निकलेगा शिवडोला; शहरभर में 80 से अधिक सेवा मंचों पर होगा शिवभक्तों का स्वागत
खरगोन। आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक वैभव का प्रतीक खरगोन का ऐतिहासिक शिवडोला रविवार को अपने 58वें वर्ष में एक बार फिर शहर की सड़कों पर नजर आएगा। अधिष्ठाता भगवान श्री सिद्धनाथ महादेव और भगवान श्री महाबलेश्वर महादेव राजसी श्रृंगार और भव्य रथ यात्रा के साथ नगर भ्रमण कर श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे। शिवडोले को लेकर शहर में शनिवार से ही उत्सव जैसा माहौल है और प्रमुख मार्ग धार्मिक ध्वजों व स्वागत सज्जा से सजे हुए हैं।
भावसार मोहल्ला स्थित सिद्धनाथ महादेव मंदिर से रविवार सुबह धार्मिक अनुष्ठानों के बाद शिवडोले की शुरुआत होगी। सुबह मंदिर के गर्भगृह में पूजन-अभिषेक के साथ कार्यक्रमों का क्रम शुरू होगा। प्रातः 9 बजे प्रस्थान आरती के बाद भगवान सिद्धनाथ महादेव और महाबलेश्वर महादेव को श्रृंगारित पालकियों में विराजित किया जाएगा।
रुद्राक्ष मित्र मंडल द्वारा शंखनाद, झांझ-मंजीरे और नगारों के साथ यात्रा की अगवानी की जाएगी। इसके बाद पालकी भावसार धर्मशाला पहुंचेगी, जहां मुख्य राजसी रथ पर भगवान की महाआरती होगी। आरती और प्रसादी वितरण के बाद शिवडोला शहर के विभिन्न मार्गों से होकर नगर भ्रमण के लिए रवाना होगा।
27 झांकियां और सांस्कृतिक दल बनाएंगे यात्रा को भव्य
इस वर्ष शिवडोले में धार्मिक और पौराणिक प्रसंगों पर आधारित 27 झांकियां शामिल की जा रही हैं। इनके साथ विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों से आए लोकनृत्य दल, अखाड़े, ढोल-ताशा दल, भजन मंडलियां और घुड़सवार यात्रा की शोभा बढ़ाएंगे।
शिवडोले की अगुवाई घुड़सवारों द्वारा की जाएगी। यात्रा में शिव-पार्वती, महाकाल, अंबे माता, श्रीकृष्ण-सत्यभामा, नरकासुर, संत सिंगाजी सहित विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक स्वरूपों की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
लोक संस्कृति की रंगारंग झलक भी शिवडोले में देखने को मिलेगी। गौरिल्ला नृत्य, शिव-पार्वती अघोरी नृत्य, आदिवासी लोकनृत्य, मयूर नृत्य, गणगौर, कालबेलिया और देशभक्ति से जुड़े नृत्य दल अपनी प्रस्तुतियां देंगे। तीन अखाड़ों के कलाकार शौर्य प्रदर्शन करेंगे।
गतका, भंगड़ा और गिद्दा की भी रहेगी प्रस्तुति
शिवडोला मार्ग पर बैंक ऑफ महाराष्ट्र के सामने खालसा युद्ध कला गतका का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ पंजाब के प्रसिद्ध लोकनृत्य भंगड़ा और गिद्दा भी दर्शकों को देखने को मिलेंगे। श्री गुरु सिंघ सभा और पंजाबी साहित्य अकादमी से जुड़े कलाकार इस सांस्कृतिक प्रस्तुति में शामिल होंगे।
गुरु नानकदेव चौराहा स्थित कालिका माता मंदिर क्षेत्र में मुख्य रथ के पहुंचने पर शिव-शक्ति मिलन का विशेष आयोजन होगा। यहां पुष्पवर्षा और आतिशबाजी के साथ भगवान के स्वागत की तैयारी की गई है। शहर के अन्य प्रमुख स्थानों पर भी विशेष आतिशबाजी और धार्मिक स्वागत कार्यक्रम होंगे।
80 से ज्यादा स्थानों पर शिवभक्तों की सेवा
शिवडोला के मार्ग में श्रद्धालुओं की सेवा के लिए शहरभर में 80 से अधिक सेवा मंच लगाए गए हैं। इन मंचों पर खिचड़ी, भजिया, फल, शरबत, छाछ, पोहा, वेज पुलाव, हलवा, चना मसाला, साबूदाना खिचड़ी सहित विभिन्न प्रकार के प्रसाद और खाद्य सामग्री का वितरण किया जाएगा।
इसके अलावा अलग-अलग सामाजिक संगठनों और मित्र मंडलों द्वारा अनेक स्थानों पर ठंडे पेयजल की व्यवस्था भी की गई है। शहर के व्यापारी, सामाजिक संगठन, धार्मिक संस्थाएं और विभिन्न समाज सेवा मंचों के माध्यम से शिवभक्तों का स्वागत करेंगे।
12 क्विंटल प्रसादी का होगा वितरण
मुख्य झांकी से श्रद्धालुओं के बीच करीब 12 क्विंटल प्रसादी वितरित की जाएगी। यह प्रसादी भांग, शकर और सूखे मेवों सहित विभिन्न सामग्री से तैयार की गई है।
आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं से बड़ी संख्या में शामिल होकर भगवान सिद्धनाथ महादेव के दर्शन करने और धार्मिक परंपरा का हिस्सा बनने की अपील की है।
अनुशासन और सुरक्षा के लिए विशेष निर्देश
शिवडोला समिति ने यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं और झांकी संचालकों के लिए कुछ आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। झांकियों और साउंड सिस्टम पर जातिगत नारे या दिवंगत व्यक्तियों के फोटो के उपयोग से बचने की अपील की गई है। यात्रा मार्ग पर गुलाल उड़ाने और अनधिकृत स्वागत मंच लगाने पर रोक रहेगी।
शराब पीकर शिवडोले में आने वालों पर प्रतिबंध रहेगा। साउंड सिस्टम से अश्लील, आपत्तिजनक या फिल्मी गीतों के प्रसारण की अनुमति नहीं होगी। समिति ने श्रद्धालुओं से कीमती आभूषण और अधिक नकदी लेकर नहीं आने, मोबाइल व अन्य सामान की सुरक्षा स्वयं करने तथा भीड़ में जेबकतरों से सतर्क रहने की अपील की है।
व्यापारी संगठनों से भी शिवडोला दिवस पर प्रतिष्ठान बंद रखकर धार्मिक आयोजन में शामिल होने का आग्रह किया गया है।
लाइव प्रसारण भी होगा
जो श्रद्धालु शिवडोले में प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं हो सकेंगे, वे केबल नेटवर्क, समाचार चैनल के साथ ही यूट्यूब और फेसबुक के माध्यम से भी शिवडोले का सीधा प्रसारण देख सकेंगे।
रविवार को निकलने वाला 58वां शिवडोला केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि खरगोन की वर्षों पुरानी आस्था, सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक सहभागिता का बड़ा उत्सव होगा। जब राजसी रथ पर विराजित सिद्धनाथ महादेव नगर भ्रमण पर निकलेंगे तो पूरा शहर एक बार फिर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठेगा।
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