गुरुपूर्णिमा पर संत श्री पूर्णानंद महाराज की तपस्थली बेड़ियाव में उमड़ेगा आस्था का सैलाब

गुरुपूर्णिमा पर संत श्री पूर्णानंद जी महाराज की तपस्थली बेड़ियाव में उमड़ेगा आस्था का सैलाब
खरगोन। गुरुपूर्णिमा के पावन अवसर पर पश्चिम निमाड़ की प्रसिद्ध संत परंपरा के अग्रणी संत श्री पूर्णानंद जी महाराज की तपस्थली बेड़ियाव में चार दिवसीय धार्मिक आयोजन और विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। हर वर्ष की तरह इस बार भी निमाड़ सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आयोजन की तैयारियां ट्रस्ट द्वारा अंतिम चरण में हैं।
श्री पूर्णानंद जी महाराज की तपस्थली बेड़ियाव पश्चिम निमाड़ की प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिनी जाती है। गुरुपूर्णिमा पर यहां होने वाला आयोजन क्षेत्र का सबसे बड़ा आध्यात्मिक समागम माना जाता है। श्रद्धालु महाराज के दर्शन, पूजन और आशीर्वाद प्राप्त करने के साथ ही विशाल भंडारे में प्रसादी ग्रहण करते हैं। चार दिनों तक धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन, सत्संग और अन्य आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा, जिसमें बड़ी संख्या में संत-महात्मा भी शामिल होंगे।

इस अवसर पर संत श्री पूर्णानंद जी महाराज के जीवन, तप, सेवा और आध्यात्मिक संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने का भी प्रयास किया जा रहा है। महाराज के 84 वर्षों के अलौकिक जीवन पर आधारित 'पूर्णानंद चरितम्' नामक जीवन ग्रंथ पिछले वर्ष ट्रस्ट के माध्यम से प्रकाशित किया गया था। इस ग्रंथ के लेखक दिलीप कर्पे हैं। पुस्तक में महाराज के तप, त्याग, सेवा, लोककल्याण और आध्यात्मिक जीवन से जुड़े अनेक प्रेरक प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया गया है।

लेखक दिलीप कर्पे ने बताया कि गुरुपूर्णिमा के अवसर पर ग्रंथ के कुछ अंश श्रद्धालुओं तक पहुंचाने का उद्देश्य संत श्री पूर्णानंद जी महाराज के जीवन-दर्शन और आदर्शों का व्यापक प्रचार-प्रसार करना है। उनका मानना है कि यदि अधिक से अधिक लोग महाराज के विचारों और आचरण को आत्मसात करेंगे तो समाज में सेवा, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना का विस्तार होगा।

ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं से गुरुपूर्णिमा महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर संत श्री पूर्णानंद जी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त करने तथा धार्मिक आयोजनों में सहभागिता निभाने की अपील की है। आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि समाज में संस्कार, सेवा और लोकमंगल की भावना को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी है।

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