खरगोन। जिले में अप्रैल महीने के दौरान चलाए गए “ऑपरेशन मुस्कान” अभियान ने कई बिछड़े परिवारों के चेहरों पर फिर से मुस्कान लौटा दी। एक महीने तक चले इस विशेष अभियान में खरगोन पुलिस ने कुल 64 गुम नाबालिग बालक-बालिकाओं को सुरक्षित खोजकर उनके परिजनों से मिलाया, जो अपने आप में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।
यह अभियान पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर 1 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक चलाया गया था। अभियान का उद्देश्य जिले में गुम हुए बच्चों को जल्द से जल्द तलाशना और साथ ही समाज में जागरूकता फैलाना था, ताकि ऐसे मामलों में कमी लाई जा सके।
पुलिस अधीक्षक रविन्द्र वर्मा के नेतृत्व में इस अभियान को तेज़ी से आगे बढ़ाया गया। उनके निर्देशन में पुलिस टीमों ने न सिर्फ स्थानीय स्तर पर बल्कि गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा और केरल जैसे राज्यों तक जाकर बच्चों की तलाश की। यह दर्शाता है कि पुलिस ने इस मिशन को कितनी गंभीरता से लिया।
इस अभियान की खास बात यह रही कि हर गुमशुदा मामले में पुलिस ने बेहद व्यवस्थित और तकनीकी तरीके से काम किया। बच्चों के गुम होने के बाद उनके परिजनों, दोस्तों और आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई गई। संदिग्ध लोगों की पहचान कर उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। कई बार पुलिस टीमों को दूसरे राज्यों में 2-3 दिन तक रुककर लगातार प्रयास करने पड़े, तब जाकर सफलता हाथ लगी।
साइबर सेल की मदद से डिजिटल ट्रैकिंग तकनीकों का इस्तेमाल भी किया गया, जिससे गुमशुदा बच्चों की लोकेशन तक पहुंचना आसान हुआ। इसके अलावा महिला सुरक्षा शाखा और जिला डीसीबी की टीमों ने भी अहम भूमिका निभाई।
“ऑपरेशन मुस्कान” का दूसरा बड़ा उद्देश्य था जागरूकता फैलाना, जिसमें पुलिस ने स्कूलों, कॉलेजों, गांवों और सार्वजनिक स्थानों पर जाकर लोगों को जागरूक किया। बच्चों को “गुड टच और बैड टच” के बारे में बताया गया, वहीं बाल विवाह निषेध अधिनियम, POCSO Act, जेजे एक्ट और मानव तस्करी जैसे गंभीर मुद्दों पर भी जानकारी दी गई।
इसके साथ ही लोगों को महिला हेल्पलाइन 1090, पुलिस आपातकालीन नंबर 100/112, साइबर हेल्पलाइन 1930 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 जैसी सेवाओं के बारे में भी बताया गया, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद ली जा सके।
इस अभियान की सफलता का सबसे भावुक पहलू तब सामने आया, जब बरामद किए गए बच्चों को उनके परिवारों को सौंपा गया। कई माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू थे और उन्होंने पुलिस का दिल से आभार जताया।
कुल मिलाकर, “ऑपरेशन मुस्कान” ने यह साबित कर दिया कि अगर पुलिस और समाज मिलकर काम करें, तो हर खोई हुई मुस्कान को वापस लाया जा सकता है।
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