अत्यधिक गर्मी में स्कूल समय को लेकर दो जिलों में अलग फैसले, पलकों ने दी प्रतिक्रिया

खरगोन/बड़वानी, 18 अप्रैल 2026।
प्रदेश में लगातार बढ़ते तापमान के बीच स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर प्रशासन सतर्क नजर आ रहा है, लेकिन अलग-अलग जिलों में लिए गए फैसलों ने अब अभिभावकों के बीच सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर बड़वानी जिले में कलेक्टर द्वारा स्कूल समय को घटाकर दोपहर की तेज गर्मी से राहत देने का निर्णय लिया गया है, वहीं खरगोन जिले में अपेक्षाकृत लंबे समय तक स्कूल संचालन के आदेश से पालकों में असंतोष देखने को मिल रहा है।
बड़वानी जिले में कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह ने अत्यधिक गर्मी को ध्यान में रखते हुए 21 अप्रैल 2026 से जिले के सभी शासकीय, अशासकीय, सीबीएसई एवं अनुदान प्राप्त विद्यालयों के समय में बदलाव के आदेश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार नर्सरी से कक्षा 12वीं तक के सभी स्कूल अब सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक संचालित होंगे। हालांकि शैक्षणिक स्टाफ को दोपहर 1:30 बजे तक संस्थान में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा और मूल्यांकन कार्य पूर्व निर्धारित समय-सारणी के अनुसार ही संचालित होंगे।
दूसरी ओर खरगोन जिले में कलेक्टर सुश्री भव्या मित्तल के निर्देशानुसार जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा 20 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक स्कूल समय में अस्थायी परिवर्तन किया गया है। यहां कक्षा 1 से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूल संचालन का समय सुबह 8:00 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक निर्धारित किया गया है। यह व्यवस्था जिले के सभी शासकीय, अशासकीय, अनुदान प्राप्त तथा विभिन्न बोर्डों से संबद्ध विद्यालयों पर लागू होगी।
यही अंतर अब चर्चा का विषय बन गया है। बड़वानी में जहां बच्चों को दोपहर की तेज धूप से बचाने के लिए जल्दी छुट्टी दी जा रही है, वहीं खरगोन में छात्र-छात्राओं को दोपहर 2:30 बजे तक स्कूल में रहना होगा, जब तापमान अपने चरम पर होता है। पालकों का कहना है कि एक ही तरह की गर्मी दोनों जिलों में पड़ रही है, ऐसे में फैसलों में इतना अंतर समझ से परे है।
अभिभावकों ने चिंता जताई है कि दोपहर के समय लू और तेज धूप के कारण बच्चों के बीमार पड़ने का खतरा बढ़ सकता है। विशेष रूप से छोटे बच्चों के लिए यह समय अधिक जोखिम भरा माना जा रहा है। कई पालकों ने प्रशासन से मांग की है कि बड़वानी की तरह खरगोन में भी स्कूल समय को और कम किया जाए, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
हालांकि शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा एवं मूल्यांकन कार्य पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेंगे और यह आदेश ग्रीष्मावकाश प्रारंभ होने तक प्रभावी रहेगा। साथ ही अभिभावकों और विद्यालय प्रबंधन से बच्चों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की अपील भी की गई है।
फिलहाल, बढ़ती गर्मी के बीच दोनों जिलों के अलग-अलग फैसलों ने यह बहस छेड़ दी है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए कौन सा मॉडल ज्यादा उपयुक्त है। आने वाले दिनों में प्रशासन इस पर क्या निर्णय लेता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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