खरगोन। भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय में सोमवार को केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता आयोजित की गई। इस दौरान पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता एवं पंधाना विधायक छाया मोरे, महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष माया पटेल तथा जिलाध्यक्ष नंदा ब्राह्मणे ने संयुक्त रूप से अधिनियम की विशेषताओं पर प्रकाश डाला और इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया। कार्यक्रम में महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष सरिता पाटीदार और नगर पालिका अध्यक्ष छाया जोशी भी मंच पर उपस्थित रहीं।
प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए छाया मोरे ने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं की भागीदारी को केवल योजनाओं तक सीमित नहीं रखेगा, बल्कि उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में भी समान रूप से शामिल करेगा। उन्होंने बताया कि इस कानून के लागू होने से महिलाओं को विधायिका में 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित होगा, जिससे संसद और विधानसभाओं में उनकी उपस्थिति मजबूत होगी। मोरे ने कहा कि यह पहल महिलाओं को केवल मतदाता या लाभार्थी के रूप में देखने की सोच को बदलते हुए उन्हें नीति निर्धारक के रूप में स्थापित करेगी।
माया पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि समाज में महिलाओं की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण रही है, लेकिन अब उन्हें विकास कार्यों और प्रशासनिक निर्णयों में भी बराबरी का अवसर मिलेगा। उन्होंने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि बीते वर्षों में महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए गए हैं, और यह अधिनियम उसी दिशा में एक और मजबूत कड़ी है।
जिलाध्यक्ष नंदा ब्राह्मणे ने कहा कि स्वच्छता, वित्तीय समावेशन और महिला शिक्षा से जुड़ी योजनाओं के बाद यह कानून महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देगा। उन्होंने इसे स्वतंत्र भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे महिला नेतृत्व को बढ़ावा मिलेगा और विकास प्रक्रिया में उनका योगदान और अधिक प्रभावी होगा।
कार्यक्रम के अंत में महिला मोर्चा की पदाधिकारियों ने अतिथियों का स्वागत किया और इस पहल के लिए केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रेसवार्ता के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि आने वाले समय में महिलाएं न केवल समाज, बल्कि शासन-प्रशासन में भी अग्रणी भूमिका निभाएंगी।
Comments
Post a Comment