वायरल शादी पर मानव अधिकार आयोग सख्त, उम्र जांच के आदेश

मोनालिसा-फरमान निकाह विवाद में नाबालिग होने के आरोपों की होगी पड़ताल
खरगोन जिले से जुड़ा मोनालिसा और फरमान की शादी का मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित कर रहा है। इस प्रकरण में राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने हस्तक्षेप करते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने विशेष रूप से लड़की की उम्र को लेकर उठे सवालों पर गंभीरता दिखाई है और इसकी निष्पक्ष जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, शादी के बाद मोनालिसा की उम्र को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। परिजनों ने आरोप लगाया कि वह नाबालिग है और विवाह कानूनी नियमों के खिलाफ किया गया है। इन आरोपों के बाद मामला तेजी से सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया।
आयोग ने अपने नोटिस में स्पष्ट किया है कि संबंधित दस्तावेजों—जैसे जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल रिकॉर्ड और अन्य प्रमाण—की जांच कर वास्तविक उम्र का निर्धारण किया जाए। साथ ही, यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आयोग ने मध्यप्रदेश और केरल के प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाए रखने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि जांच में कोई बाधा न आए।
विवाद को उस समय और बल मिला जब मोनालिसा के पिता जयसिंह भोंसले, माता लता भोंसले और फिल्म निर्देशक सनोज मिश्रा ने सार्वजनिक रूप से इस शादी पर सवाल उठाए। उन्होंने इसे संदिग्ध बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं, हालांकि इन दावों की पुष्टि अभी जांच के बाद ही संभव है।
खरगोन पुलिस को निर्देशित किया गया है कि वह पूरे मामले की गहराई से जांच करे और रिपोर्ट आयोग को सौंपे। फिलहाल प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी पहलुओं की पड़ताल कर रहा है। आने वाले समय में जांच रिपोर्ट के आधार पर ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मामला वास्तव में क्या है और आगे क्या कार्रवाई होगी।

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