सैफी मस्जिद सहित विभिन्न स्थानों पर अदा की गई नमाज़, देश की खुशहाली और अमन-चैन के लिए मांगी गई दुआ
खरगोन। शहर के बोहरा समाज ने ईद-उल-फितर का पावन पर्व बड़े ही हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया। रमज़ान के पूरे 30 दिनों की इबादत के बाद ईद की खुशियों ने समाजजनों के चेहरों पर अलग ही रौनक बिखेर दी। सुबह से ही मस्जिदों में नमाज़ अदा करने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी और पूरे शहर में त्योहार का उल्लास दिखाई दिया।
बोहरा बाखल स्थित सैफी मस्जिद में सुबह 6:50 बजे आमिल साहब जनाब शेख अली हुसैन खेडीवाला ने ईद का खुत्बा पढ़ाया। इस दौरान बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। नमाज़ के बाद देश की तरक्की, खुशहाली, भाईचारा और अमन-चैन के लिए विशेष दुआ की गई। साथ ही धर्मगुरु आलीकदर मुफद्दल सैफुद्दीन साहब की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना भी की गई।
इसके अलावा, मांगरूल रोड स्थित ताहेरी हॉल में मुल्ला हातिम भाई सीमंटवाला और हकीमी मस्जिद में जनाब मुस्तफा भाई साहब द्वारा भी ईद का खुत्बा पढ़ाया गया। सभी स्थानों पर नमाज़ के बाद एक-दूसरे को गले मिलकर और हाथ मिलाकर ईद की मुबारकबाद देने का सिलसिला चलता रहा।
नमाज़ के पश्चात खुशी की मजलिस का आयोजन किया गया, जिसमें आमिल साहब द्वारा समाज के 15 सदस्यों को उत्कृष्ट समाजसेवा के लिए प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर समाजजनों ने आमिल साहब के हाथ चूमकर सम्मान व्यक्त किया और एक-दूसरे को ईद की बधाई दी।
ईद की तैयारियां एक दिन पहले रात से ही शुरू हो गई थीं। घरों में सेवइयों और शीरखुरमा की मिठास भरी खुशबू फैल गई थी, वहीं नए कपड़ों और इत्र की महक ने माहौल को और भी खास बना दिया। विशेष रूप से बच्चों में ईद को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। रंग-बिरंगे नए कपड़े पहनकर और ईदी पाकर बच्चों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
अंत में जमात द्वारा सभी को शीरखुरमा पिलाया गया। इस तरह पूरे शहर में ईद-उल-फितर का पर्व भाईचारे, प्रेम और एकता के संदेश के साथ संपन्न हुआ।
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