20 फीट गहरी पुलिया से गिरी गर्भवती महिला, कुछ ही घंटों बाद दिया स्वस्थ बच्ची को जन्म
बाइक की टक्कर से हुआ हादसा, पानी से भरे गड्ढे में गिरने से टली बड़ी अनहोनी; समाजसेवी की मदद से समय पर पहुंची अस्पताल
खरगोन।
भगवानपुरा क्षेत्र के ग्राम मोहराड़ी में शुक्रवार शाम एक ऐसा सड़क हादसा हुआ, जिसने सभी को हैरान कर दिया। एक गर्भवती महिला बाइक हादसे में करीब 20 फीट गहरी पुलिया से नीचे गिर गई, लेकिन कुछ ही घंटों बाद अस्पताल में उसने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। मां और नवजात दोनों सुरक्षित हैं। इस घटना को लेकर पूरे क्षेत्र में चर्चा हो रही है।
जानकारी के अनुसार ग्राम मोहराड़ी निवासी हीरालाल अपनी गर्भवती पत्नी पेरू बाई और भाभी के साथ बाइक से सिरकेल अस्पताल जा रहे थे। बताया जा रहा है कि पेरू बाई की तबीयत ठीक नहीं थी, इसलिए उन्हें जांच और उपचार के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था।
शाम करीब 5 बजे जब वे सिरकेल क्षेत्र में झूले के पास बने पुल से गुजर रहे थे, तभी सामने से आ रही एक अज्ञात बाइक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। अचानक हुई टक्कर के कारण संतुलन बिगड़ गया और तीनों लोग बाइक सहित पुलिया से नीचे जा गिरे।
जिस जगह यह दुर्घटना हुई, वहां आसपास नुकीली चट्टानें और पत्थर मौजूद थे। ऐसे में गंभीर चोट लगने की आशंका थी, लेकिन किस्मत ने उनका साथ दिया। तीनों लोग नीचे मौजूद पानी से भरे एक डबरे में गिर गए, जिससे उनकी जान बच गई और बड़ी चोट से भी बचाव हो गया।
हादसे को देखकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और मदद के लिए आगे आए। इसी दौरान क्षेत्र के समाजसेवी विक्रम ठाकुर भी वहां पहुंचे। उन्होंने बिना देर किए तीनों घायलों को अपने निजी वाहन से तुरंत सिरकेल अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने गर्भवती महिला की स्थिति की जांच की। कुछ समय बाद ही पेरू बाई को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई और डॉक्टरों की देखरेख में उन्होंने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। डॉक्टरों ने बताया कि मां और नवजात दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं और खतरे से बाहर हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस तरह से पुलिया से गिरने के बावजूद किसी को गंभीर चोट नहीं आई और बाद में बच्ची का सुरक्षित जन्म हुआ, उसे लोग किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे हैं।
घटना के बाद ग्रामीणों ने समय पर मदद करने वाले समाजसेवी विक्रम ठाकुर की सराहना की। लोगों का कहना है कि अगर समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जाता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।
यह घटना एक ओर जहां सड़क सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने का संदेश देती है, वहीं दूसरी ओर यह भी दिखाती है कि मुश्किल समय में इंसानियत और समय पर मिली मदद किसी की जिंदगी बचा सकती है।
Comments
Post a Comment