कचरे के ढेर में छुपा था 90 लाख का खजाना, पुलिस ने सुलझाई हाई प्रोफाइल चोरी

खरगोन। जिले में सूने मकानों और दुकानों को निशाना बनाकर की जा रही चोरियों की श्रृंखला पर बड़वाह पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दो अलग-अलग चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए करीब 90 लाख रुपये मूल्य का सोना-चांदी, नकदी और वाहन बरामद किया है। इस मामले में दो आदतन अपराधियों और एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है।
जिले में बढ़ती चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक रविन्द्र वर्मा ने सभी थाना प्रभारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसी कड़ी में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शकुन्तला रुहल के मार्गदर्शन और एसडीओपी बड़वाह अर्चना रावत के निर्देशन में थाना बड़वाह पुलिस ने विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की।
पुलिस के अनुसार पहली चोरी की घटना 26 से 29 जनवरी 2026 के बीच की है। बड़वाह के विनोबा मार्ग निवासी अरुण, जो अपनी मां के इलाज के सिलसिले में बाहर गए हुए थे, उनके सूने मकान को चोरों ने निशाना बनाया। चोर घर से करीब 370 ग्राम सोना, 5 किलो चांदी, लैपटॉप और अन्य कीमती सामान समेट ले गए। इस घटना से क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया था।
दूसरी घटना 1 फरवरी 2026 की रात की है, जब हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित एक बिल्डिंग मटेरियल दुकान में पीछे से ताला तोड़कर चोरों ने लगभग 30 हजार रुपये नकद पर हाथ साफ कर दिया।
लगातार दो बड़ी वारदातों के बाद थाना प्रभारी बलराम सिंह राठौर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थलों के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की करीब 48 घंटे तक बारीकी से जांच की। साथ ही मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया।
तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस को एक 16 वर्षीय विधि विरुद्ध बालक पर संदेह हुआ। पूछताछ में उसने अपने दो साथियों हर्ष और पेश उर्फ दिव्यांश के साथ मिलकर चोरी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने कचरे के ढेर में छुपाकर रखे गए 300 ग्राम सोने के बार, 5 किलो चांदी के बार, सोने के आभूषण, 28 हजार 550 रुपये नकद और वारदात में प्रयुक्त स्कूटी बरामद की। कुल जब्ती की कीमत करीब 90 लाख रुपये आंकी गई है।
पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी पहले भी चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में शामिल रह चुके हैं। इस पूरी कार्रवाई में थाना बड़वाह, थाना सनावद पुलिस और साइबर सेल की अहम भूमिका रही।

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