खरगोन। विधायक एवं पूर्व कृषि राज्यमंत्री बालकृष्ण पाटीदार के गृह ग्राम टेमला में गुरुवार की सुबह आस्था और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। भोर होते ही गांव की गलियां “जय श्रीराम” और “हरे राम-हरे कृष्ण” के संकीर्तन से गुंजायमान हो उठीं। अवसर था प्रभु श्रीराम के जन्मस्थल अयोध्या धाम के दर्शन के लिए निकल रही भव्य तीर्थयात्रा का।
गांव से करीब 500 श्रद्धालु एक साथ रामलला के दर्शन के लिए रवाना हुए। संभवतः यह पहला अवसर है जब पूरा गांव सामूहिक रूप से धार्मिक यात्रा पर निकला है। यह यात्रा ग्राम के श्रीकृष्ण चैतन्य संकीर्तन मंडल द्वारा पिछले 50 वर्षों से प्रतिमाह निरंतर चल रहे हरे राम-हरे कृष्ण संकीर्तन के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित की गई है।
यात्रा की शुरुआत तड़के 5 बजे गांव के श्रीराम मंदिर में दर्शन और पूजन के साथ हुई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने ढोल-मंजीरों के साथ भजन-कीर्तन करते हुए प्रभातफेरी निकाली और यात्रा वाहनों तक पहुंचे। यात्रा के लिए एक दर्जन स्लीपर कोच बसों के साथ चार ट्रेवलर और अन्य चार पहिया वाहनों की व्यवस्था की गई है। समिति द्वारा श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन, चाय-नाश्ते सहित अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
यात्रा रवानगी के अवसर पर विधायक बालकृष्ण पाटीदार ने तीर्थयात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह यात्रा राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और सामाजिक समरसता का महत्वपूर्ण प्रतीक बनेगी। उन्होंने कहा कि एक साथ इतने लोगों को दर्शन का अवसर मिलना सौभाग्य की बात है और यह गांव की एकता का परिचायक है।
यात्रा आयोजन समिति के सदस्य एवं युवा उद्यमी नितिन पाटीदार ने बताया कि राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद से लोगों में अपार उत्साह है। गांव के लगभग हर घर से एक सदस्य इस यात्रा में शामिल हुआ है, जो सामाजिक एकता का सशक्त उदाहरण है।
27 और 28 फरवरी को श्रद्धालु सरयू नदी में स्नान कर जानकी महल, जनक महल, दशरथ महल, श्री हनुमान गढ़ी और प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर में दर्शन करेंगे।
22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से देशभर से श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। टेमला गांव की यह ऐतिहासिक यात्रा भी उसी श्रद्धा और उत्साह की सजीव मिसाल बन गई है।
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