खरगोन। एसआईआर (Special Intensive Revision) के द्वितीय चरण के दौरान खरगोन जिले में मतदाता सूची को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष रवि नाईक के नेतृत्व में कांग्रेस के एक प्रतिनिधि मंडल ने जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर से मुलाकात कर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराईं। कांग्रेस का आरोप है कि दुर्भावनावश हजारों कांग्रेस समर्थित और वैध मतदाताओं के नामों पर फॉर्म सात भरकर आपत्तियां दर्ज की जा रही हैं, जिससे मतदाता सूची से नाम हटाने की साजिश की जा रही है।
कलेक्टर से चर्चा के दौरान कांग्रेस प्रतिनिधि मंडल ने मांग की कि इस प्रकार झूठी और भ्रामक जानकारी देकर फॉर्म सात भरने वालों के खिलाफ निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाए। रवि नाईक ने स्पष्ट कहा कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 के खंड 43 की धारा 31 के तहत ऐसे मामलों में मिथ्या कथन का अपराध बनता है और संबंधित लोगों पर एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर गलत जानकारी देकर किसी वैध मतदाता के अधिकारों का हनन करता है, तो उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई होना जरूरी है।
कलेक्टर से मुलाकात के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए रवि नाईक ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी 29 जनवरी 2026 को कलेक्टर कार्यालय में प्रदर्शन करेगी। कांग्रेस इस बात को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं करेगी कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत, मताधिकार, को कमजोर किया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि किसी भी वैध मतदाता का नाम वोटर लिस्ट से नहीं कटने दिया जाएगा।
रवि नाईक ने ऐसे सभी मतदाताओं से भी अपील की है, जिनके नाम पर आपत्ति दर्ज की गई है, कि वे घबराएं नहीं और अपने दस्तावेजों के साथ सामने आएं। उन्होंने आह्वान किया कि प्रभावित मतदाता अपने वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, बैंक पासबुक, बिजली बिल जैसे पहचान और निवास संबंधी दस्तावेजों की फोटो कॉपी लेकर 29 जनवरी 2026 को दोपहर 12 बजे कलेक्टर कार्यालय खरगोन पहुंचें, ताकि सामूहिक रूप से अपनी बात प्रशासन के सामने रखी जा सके।
इस दौरान कांग्रेस प्रतिनिधि मंडल में जिला उपाध्यक्ष एवं निर्वाचन प्रभारी कादर बैग और जिला कांग्रेस महासचिव प्रकाश जोशी भी मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने की मांग करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाता सूची से छेड़छाड़ किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।
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