जैन तीर्थ की पवित्रता और संरक्षण के लिए सकल जैन समाज का शांतिपूर्ण प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

खरगोन। जैन प्रबुद्ध मंच की पहल पर सोमवार को सकल जैन समाज द्वारा मातमोर (देवास) स्थित श्री ऋषभुवनभानु पार्श्वनाथ–श्री मणिभद्रवीर जैन तीर्थ के संरक्षण, पवित्रता एवं शुचिता बनाए रखने की मांग को लेकर खरगोन में शांतिपूर्ण मौन जुलूस निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में समाज की महिलाएं एवं पुरुष शामिल हुए और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन के माध्यम से जैन समाज ने तीर्थ क्षेत्र में प्रस्तावित पट्टा वितरण पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। दो पृष्ठों के ज्ञापन में विस्तार से उल्लेख करते हुए कहा गया कि पट्टा वितरण एवं बसाहट की प्रक्रिया से तीर्थ क्षेत्र की पवित्रता, सुरक्षा और संरक्षण को गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। समाज ने पूर्व में घोषित वृक्षारोपण योजना को भी शीघ्र पूर्ण करने की मांग की।
जैन प्रबुद्ध मंच के शहर सचिव पलाश जैन ने बताया कि देवास जिले के मातमोर में स्थित यह प्राचीन जैन तीर्थ आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां शासन स्तर पर पट्टे वितरित कर बसाहट की तैयारी से तीर्थ की मर्यादा प्रभावित होगी, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
मौन रैली के रूप में जैन समाजजन जैन प्रबुद्ध मंच ट्रस्ट के बैनर तले एसडीएम कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपा। मंच के कोषाध्यक्ष रितुराज जैन ने कहा कि पवित्र तीर्थ क्षेत्र में अवैध पट्टा वितरण से अतिक्रमण बढ़ेगा, जिससे मांस-मदिरा विक्रय जैसी गतिविधियों की आशंका है और इससे क्षेत्र की पवित्रता भंग होगी। उन्होंने कहा कि यह तीर्थ क्षेत्र चातुर्मास के लिए भी असुरक्षित होता जा रहा है।
समाजजनों ने यह भी स्मरण कराया कि मुख्यमंत्री द्वारा तीर्थ क्षेत्र में 5 हजार पौधारोपण का संकल्प लिया गया था, जिसे शीघ्र पूर्ण किया जाए। साथ ही क्षेत्र में असामाजिक गतिविधियों पर सख्त रोक लगाने की मांग की गई।
इस अवसर पर जैन समाज के अनेक पदाधिकारी एवं समाजजन उपस्थित रहे और सभी ने एक स्वर में तीर्थ क्षेत्र के संरक्षण हेतु शासन से त्वरित एवं सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया।

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