खरगोन। जिले में अपराध नियंत्रण, लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक खरगोन श्री रविन्द्र वर्मा द्वारा गुरुवार 29 जनवरी 2026 को पुलिस कंट्रोल रूम खरगोन में जिला स्तरीय अपराध समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिले के समस्त एसडीओपी, थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी सहित पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इसके साथ ही शासकीय अस्पताल के डॉक्टर एवं न्याय विभाग से जिला अभियोजन अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए, जिससे पुलिस-चिकित्सा-न्यायिक समन्वय को और प्रभावी बनाया जा सके।
बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री वर्मा ने जिले में लंबित अपराध, लंबित शिकायतें, मर्ग, गुमशुदा व्यक्ति प्रकरण, फरार आरोपियों की धरपकड़, जमानत निरस्तीकरण तथा लघु अधिनियमों के तहत दर्ज मामलों की विस्तार से समीक्षा की। विशेष रूप से अवैध गौवंश परिवहन, अवैध फायर आर्म्स तस्करी, जुआ-सट्टा और अवैध शराब परिवहन जैसे मामलों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
एसपी श्री वर्मा ने प्रत्येक लंबित गंभीर अपराध की एक-एक कर समीक्षा करते हुए संबंधित एसडीओपी एवं थाना प्रभारियों से प्रगति की जानकारी ली। जिन मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी शेष है, उनमें शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए। साथ ही पुराने लंबित गंभीर अपराधों में अंतिम प्रतिवेदन (चालान) न्यायालय में प्रस्तुत करने तथा फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लक्ष्य निर्धारित किए गए।
बैठक में महिलाओं, बालिकाओं, अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विरुद्ध अपराधों को अत्यंत संवेदनशीलता से लेते हुए त्वरित विवेचना और राहत प्रकरण समय पर तैयार करने के लिए विवेचकों को विशेष रूप से प्रेरित किया गया। नाबालिग बालिकाओं की दस्तयाबी (रिकवरी) की स्थिति पर भी गंभीरता से चर्चा की गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
पुलिस अधीक्षक ने न्यायालय से प्राप्त सम्मन एवं वारंट की तामील में तेजी लाने, स्थाई वारंट एवं फरारी वारंटों की अधिकतम तामील सुनिश्चित करने तथा प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अपराधियों को सजा दिलाने के लिए विवेचना से लेकर न्यायालयीन कार्यवाही तक योजनाबद्ध और समन्वित तरीके से काम किया जाए।
बैठक में सीएम हेल्पलाइन, विभिन्न आयोगों, पीएचक्यू एवं आईजी कार्यालय से प्राप्त शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश दिए गए। इसके अलावा थाना क्षेत्रों में प्रतिबंधात्मक कार्रवाई, प्रभावी कॉम्बिंग गश्त, आदतन अपराधियों की पहचान कर उनकी जमानत निरस्तीकरण के लिए न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत करने की समीक्षा भी की गई।
ऑनलाइन एमएलसी एवं पीएम रिपोर्ट प्रेषण में आने वाली समस्याओं पर चर्चा करते हुए पुलिस-चिकित्सा समन्वय को बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए, ताकि गंभीर अपराधों में आरोपियों की दोषसिद्धि सुनिश्चित हो सके। साथ ही CCTNS रैंकिंग में सुधार एवं IRAD प्रणाली में आवश्यक डाटा फीड करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
इस अपराध समीक्षा बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खरगोन (शहर) श्री बिट्टू सहगल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खरगोन (ग्रामीण) श्रीमती शकुन्तला रुहल, जिले के समस्त एसडीओपी, थाना एवं चौकी प्रभारी, शासकीय अस्पताल के डॉक्टर, जिला अभियोजन अधिकारी, पुलिस अधीक्षक कार्यालय का स्टाफ तथा पुलिस लाइन का स्टाफ उपस्थित रहा।
पुलिस अधीक्षक श्री रविन्द्र वर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अपराध नियंत्रण, पीड़ितों को न्याय और कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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