खरगोन।।खरगोन में आयोजित ऐतिहासिक श्री नवग्रह मेला एक बार फिर निमाड़ी नस्ल की बैलजोड़ियों के कारण सुर्खियों में रहा। गुरुवार को लगे पहले साप्ताहिक हाट में बड़ी संख्या में पशुपालक और किसान अपने बैल लेकर पहुंचे। अनुमान के अनुसार मेले में छह हजार से अधिक बैलों की आवक हुई, जिससे पूरा मेला परिसर गुलजार नजर आया। इस दौरान 200 से अधिक बैलजोड़ियों की खरीदी-बिक्री हुई और कई सौदे लाखों रुपये में तय हुए।
मेले में सबसे अधिक चर्चा 1 लाख 60 हजार रुपये में बिकने वाली निमाड़ी बैलजोड़ी की रही। यह बैलजोड़ी पिपल्या निवासी मोहन लोहार की बताई जा रही है, जिसे महाराष्ट्र के एनपुर क्षेत्र के एक किसान ने खरीदा। इस सौदे ने यह साबित कर दिया कि निमाड़ी नस्ल के बैल न केवल स्थानीय किसानों, बल्कि अन्य राज्यों के पशुपालकों के लिए भी पहली पसंद बने हुए हैं। महाराष्ट्र, राजस्थान और गुजरात से आए खरीदारों ने मेले में सक्रिय भागीदारी निभाई।
खरीदारी के दौरान किसानों ने बैलों की सेहत, दांत, रंग, ऊंचाई और चाल पर विशेष ध्यान दिया। निमाड़ी नस्ल के बैल मजबूत शरीर, अधिक सहनशक्ति और मेहनती स्वभाव के लिए पहचाने जाते हैं। पशुपालकों का कहना है कि यह बैल लंबे समय तक खेतों में काम करने में सक्षम होते हैं और कठिन परिस्थितियों में भी बेहतर प्रदर्शन करते हैं। इसी वजह से खेती-किसानी के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाली पारंपरिक प्रतियोगिताओं में भी इनकी मांग बनी रहती है।
मेले में अन्य नस्लों की बैलजोड़ियों ने भी खरीदारों को आकर्षित किया। कुछ पशुपालकों ने अपनी बैलजोड़ियों की कीमत दो लाख रुपये से अधिक रखी थी, जबकि बातचीत के बाद कई सौदे तय किए गए। यह मेला पशुपालकों के लिए अपनी मेहनत का उचित मूल्य पाने का बड़ा अवसर साबित होता है।
उल्लेखनीय है कि श्री नवग्रह पशु मेला केवल एक व्यापारिक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर भी है। आजादी के लगभग दस वर्ष बाद शुरू हुआ यह मेला पिछले 65 वर्षों से लगातार आयोजित हो रहा है। खरगोन में स्थित एशिया के दूसरे सबसे प्राचीन नवग्रह मंदिर के कारण जनवरी माह में यहां विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियां होती हैं। पशु मेले के साथ-साथ लगने वाला यह आयोजन प्रदेश का सबसे बड़ा पशु मेला माना जाता है, जिसकी ख्याति दूर-दूर तक फैली हुई है। हर वर्ष किसान और व्यापारी इस मेले का इंतजार करते हैं और मेला शुरू होते ही खरीद-बिक्री का सिलसिला तेज हो जाता है।
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