खरगोन। शहर में एक शोकाकुल परिवार ने अपनी व्यक्तिगत पीड़ा को सामाजिक सेवा में बदलकर मानवता की प्रेरणादायी मिसाल पेश की। गरुड़ पुराण समापन एवं द्वादश श्राद्ध (तेहरवी) के अवसर पर स्वर्गीय रमा रसिक बिहारी पुरोहित की स्मृति में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। धार्मिक परंपराओं के बीच आयोजित यह शिविर सामाजिक दायित्व और संवेदनशील सोच का उदाहरण बना।
इस अवसर पर परिवारजनों, रिश्तेदारों एवं शुभचिंतकों ने “रक्तदान—जीवनदान” की भावना के साथ बढ़-चढ़कर सहभागिता की। शिविर में कुल 30 लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया, जिनमें 7 महिलाएं भी शामिल रहीं। माँ की स्मृति में बेटे, पोते-पोती एवं परिजनों द्वारा किया गया यह योगदान उपस्थित नागरिकों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना।
शिविर का मुख्य उद्देश्य आदिवासी बहुल अंचलों में थैलेसीमिया एवं सिकलसेल एनीमिया से पीड़ित मरीजों के लिए रक्त संग्रह करना रहा। इन गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को नियमित रक्त की आवश्यकता होती है, ऐसे में यह पहल उनके लिए जीवनरक्षक सिद्ध होगी।
मध्यप्रदेश रेडक्रॉस सोसायटी के पूर्व चेयरमैन आशुतोष पुरोहित ने बताया कि समाज में रक्त की निरंतर आवश्यकता बनी रहती है, विशेषकर कोरोना काल के बाद। उन्होंने कहा कि तेहरवी जैसे अवसर पर रक्तदान शिविर आयोजित कर समाज को सकारात्मक संदेश देना इस पहल का मूल उद्देश्य रहा।
स्वर्गीय रमा पुरोहित के सुपुत्र अमिय पुरोहित, अंशुल पुरोहित एवं भतीजे अनुराग पुरोहित ने बताया कि माँ की स्मृति में यह सेवा कार्य आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रतिवर्ष रक्तदान शिविर आयोजित कर जरूरतमंद मरीजों को समय पर जीवनदायी रक्त उपलब्ध कराने का संकल्प लिया गया है।
उल्लेखनीय है कि पीडब्ल्यूडी विभाग में एसडीओ रहे स्वर्गीय इंजीनियर रसिक बिहारी पुरोहित एवं उनकी पत्नी रमा पुरोहित धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों में सदैव सक्रिय रहे। रमा पुरोहित का 6 जनवरी को हृदयाघात से आकस्मिक निधन हो गया था।
जिला अस्पताल खरगोन के ब्लड बैंक प्रभारी डॉक्टर विनय सिंह चौहान ने कहा कि द्वादश श्राद्ध जैसे अवसर पर रक्तदान शिविर का आयोजन समाज में जागरूकता का संकेत है। उन्होंने बताया कि खरगोन शहर में यह पहला अवसर है जब तेहरवी पर रक्तदान शिविर लगाया गया।
ब्लड बैंक टेक्नीशियन सचिन चौहान ने बताया कि यह पहल सामाजिक सरोकार का उदाहरण है। समय-समय पर इस प्रकार के आयोजन होते रहने से ब्लड बैंक में रक्त की उपलब्धता बनी रहती है।
श्रद्धांजलि का संवेदनशील स्वरूप
तेरहवीं एवं पगड़ी जैसे धार्मिक आयोजनों में रक्तदान शिविर का आयोजन समाज के लिए प्रेरणादायी पहल है। इससे जरूरतमंद मरीजों को लाभ मिलता है और सेवा की भावना मजबूत होती है। रक्तदान शिविर आयोजन हेतु जिला अस्पताल ब्लड बैंक खरगोन से संपर्क किया जा सकता है।
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