धातु-पत्थर की जगह लगाई टंट्या मामा की फाइबर मूर्ति, कांग्रेस का आरोप

खरगोन। नगर पालिका परिषद द्वारा बिस्टान रोड तिराहे पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी टंट्या मामा की मूर्ति स्थापना को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रवि नाईक ने नगर पालिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि मूर्ति स्थापना में तय मापदंडों, विज्ञप्ति की शर्तों और कलेक्टर कार्यालय के निर्देशों का उल्लंघन कर भारी भ्रष्टाचार किया गया है। कांग्रेस ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

रवि नाईक ने बताया कि 24 सितंबर 2025 को नगर पालिका परिषद की पीआईसी बैठक में स्पष्ट रूप से यह तय किया गया था कि टंट्या मामा की मूर्ति संगमरमर पत्थर अथवा धातु की होगी। इसी निर्णय के अनुरूप नगर पालिका परिषद द्वारा विज्ञप्ति भी जारी की गई थी, जिसमें धातु या पत्थर की मूर्ति की ही शर्त रखी गई थी। इसके अलावा कलेक्टर कार्यालय खरगोन द्वारा भी नगर पालिका को पत्थर अथवा धातु की मूर्ति स्थापित करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे।

इसके बावजूद नगर पालिका परिषद ने पिनाक ट्रेडिंग कंपनी खरगोन से लगभग 9 लाख 90 हजार रुपए में टंट्या मामा की मूर्ति खरीदने का निर्णय लिया। जब मूर्ति का लोकार्पण किया गया तब सामने आया कि स्थापित की गई मूर्ति न तो धातु की है और न ही पत्थर की, बल्कि वह फाइबर की मूर्ति है। कांग्रेस का आरोप है कि यह सीधे-सीधे विज्ञप्ति की शर्तों और कलेक्टर के आदेशों का उल्लंघन है।

रवि नाईक ने कहा कि मूर्ति प्राप्त करने के समय नगर पालिका द्वारा भौतिक सत्यापन किया गया होगा, ऐसे में फाइबर की मूर्ति स्वीकार करना यह दर्शाता है कि संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों ने जानबूझकर इस अनियमितता को नजरअंदाज किया। यह मामला प्रथम दृष्टया आर्थिक अपराध की श्रेणी में आता है।

उन्होंने बताया कि इस संबंध में समाचार पत्रों में भी खबरें प्रकाशित हुई हैं, जिससे जनता में रोष है। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर महोदया से पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो कांग्रेस पार्टी सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी।

इस अवसर पर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल में जिला कांग्रेस महासचिव जितेंद्र भावसार, जिला प्रवक्ता राजेश मंडलोई, युवा नेता सौरभ निखोरिया एवं मांगीलाल मोरे भी उपस्थित थे।


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