खरगोन। जिले में सड़क पर निकलना अब जोखिम भरा होता जा रहा है। लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं और उनमें बढ़ती मौतों ने खरगोन को मध्यप्रदेश के सबसे चिंताजनक जिलों की सूची में ला खड़ा किया है। पुलिस अधीक्षक रविन्द्र वर्मा ने पुलिस लाइन खरगोन में आयोजित यातायात जागरूकता कार्यक्रम के दौरान बताया कि दुर्घटनाओं और मृतकों की संख्या के लिहाज से खरगोन प्रदेश के टॉप जिलों में शामिल हो चुका है।
एसपी रविन्द्र वर्मा ने जिले के सभी थाना प्रभारियों और पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर अब ढिलाई नहीं बरती जाएगी। प्रत्येक थाना क्षेत्र में नियमित रूप से जागरूकता अभियान चलाने के साथ-साथ दुर्घटना संभावित स्थानों पर कड़ी निगरानी और कार्रवाई की जाएगी, ताकि हादसों पर रोक लगाई जा सके।
इस कार्यक्रम में अति. पुलिस अधीक्षक (शहर) बिट्टू सहगल एवं अति. पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) शकुन्तला रुहल भी मौजूद रहीं। इस दौरान पुलिस मुख्यालय से जिले को मिले नए ट्रैवलर वाहन का पूजन किया गया, जिससे पुलिस बल की आवाजाही और आपात सेवाओं को और मजबूत किया जाएगा।
यातायात प्रशिक्षण सत्र में विशेषज्ञ प्रफुल्ल जोशी ने वीडियो और प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया कि सड़क पर की गई छोटी-सी गलती कैसे जानलेवा हादसे में बदल जाती है। उन्होंने हेलमेट, सीट बेल्ट, यातायात संकेतों और रोड मार्किंग के पालन को अनिवार्य बताते हुए अभिभावकों से भी बच्चों को नियमों के प्रति जागरूक करने की अपील की।
कार्यक्रम में एआरटीओ अधिकारी रितु अग्रवाल, यातायात थाना प्रभारी निरीक्षक रमेश सोलंकी सहित जिले के विभिन्न थानों से आए लगभग 80 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी तथा करीब 100 स्कूली छात्र-छात्राएं और एनसीसी कैडेट्स शामिल हुए। पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया कि सड़क सुरक्षा में लापरवाही अब केवल कानून उल्लंघन नहीं, बल्कि जीवन के लिए बड़ा खतरा बन चुकी है।
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