खरगोन। जिले में गुम हो रहे मोबाइल फोन के मामलों में सायबर सेल खरगोन ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए 112 मोबाइल फोन खोजकर उनके वास्तविक धारकों को सौंपे हैं। इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 22 लाख 40 हजार रुपये बताई गई है। अपने खोए मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरों पर खुशी साफ नजर आई।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक खरगोन रविन्द्र वर्मा के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) बिट्टू सहगल और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती शकुन्तला रुहल के मार्गदर्शन में की गई। गुम मोबाइलों की तलाश के लिए सायबर सेल को विशेष निर्देश दिए गए थे।
सायबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक दीपक तलवारे के नेतृत्व में टीम ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय और विभिन्न थानों से प्राप्त गुम मोबाइल संबंधी आवेदनों को एकत्र किया। तकनीकी संसाधनों और CEIR पोर्टल की सहायता से टीम ने लगातार प्रयास करते हुए 112 मोबाइल फोन ट्रेस करने में सफलता पाई। इसके बाद संबंधित थानों को सूचना देकर मोबाइल पुलिस अभिरक्षा में लिए गए और 25 जनवरी 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में उनके मालिकों को सौंपे गए।
बरामद मोबाइलों में वनप्लस, सेमसंग, रेडमी, विवो, ओप्पो, रियलमी, टेकनो और पोको जैसी नामी कंपनियों के महंगे स्मार्टफोन शामिल हैं। मोबाइल वितरण के दौरान पुलिस अधीक्षक रविन्द्र वर्मा ने कहा कि आज के समय में मोबाइल जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है, ऐसे में इसके सुरक्षित उपयोग को लेकर सभी को सतर्क रहना चाहिए।
उन्होंने नागरिकों को सायबर ठगी से बचने की सलाह देते हुए कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति को ATM कार्ड, CVV नंबर, OTP, UPI पिन जैसी गोपनीय जानकारी न दें और किसी के कहने पर ANYDESK या TEAMVIEWER जैसे रिमोट ऐप इंस्टॉल न करें। साथ ही अज्ञात कॉल, SMS या लिंक से सतर्क रहने और “डिजिटल अरेस्ट” जैसे नए सायबर फ्रॉड तरीकों से बचने की अपील की।
पुलिस ने यह भी आग्रह किया कि यदि किसी को कोई लावारिस मोबाइल या अन्य कीमती वस्तु मिले, तो उसे तत्काल नजदीकी थाने या कंट्रोल रूम में जमा कराएं। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित नागरिकों को सायबर जागरूकता से जुड़े पंपलेट भी वितरित किए गए।
किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
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