जिला पत्र लेखक परिषद् को मिला नया नेतृत्व, नीरज ठक्कर बने 11वें अध्यक्ष

खरगोन। नगर की साहित्यिक पहचान को वर्षों से मजबूती देने वाली संस्था जिला पत्र लेखक परिषद् (जिपलेप) की वार्षिक बैठक इस बार एक महत्वपूर्ण निर्णय के साथ संपन्न हुई। झंडा चौक स्थित सूर्य पुष्प निवास पर आयोजित इस बैठक में परिषद् को नया अध्यक्ष मिला। सर्वसम्मति से वरिष्ठ पत्रकार नीरज ठक्कर को परिषद् का 11वां अध्यक्ष चुना गया।
बैठक की शुरुआत परिषद् की गतिविधियों की समीक्षा से हुई। इस दौरान वर्तमान अध्यक्ष राजेश मंडलोई ने अपनी निजी व्यस्तताओं का उल्लेख करते हुए अध्यक्ष पद से मुक्त किए जाने का अनुरोध रखा। उनके इस प्रस्ताव पर परिषद् के सदस्यों ने विस्तार से चर्चा की और संगठन की निरंतरता को ध्यान में रखते हुए नए नेतृत्व की आवश्यकता पर सहमति जताई।
विचार-विमर्श के पश्चात राजेश मंडलोई द्वारा पत्रकार नीरज ठक्कर का नाम अध्यक्ष पद के लिए प्रस्तावित किया गया। इस प्रस्ताव का समर्थन भानु परसाई एवं प्रभुराम मालवीय ने किया। उपस्थित सभी सदस्यों की सहमति से नीरज ठक्कर को परिषद् का नया अध्यक्ष मनोनीत किया गया। चयन की घोषणा होते ही बैठक स्थल पर तालियों के साथ उनका स्वागत किया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए परिषद् के संस्थापक राकेश राणा ने नवमनोनीत अध्यक्ष से अपेक्षा व्यक्त की कि वे परिषद् को नई ऊर्जा देंगे। उन्होंने कहा कि नीरज ठक्कर के अनुभव और साहित्य के प्रति समर्पण से संगठन को नए आयाम मिलेंगे। साथ ही उन्होंने परिषद् से जुड़े साहित्यिक आयोजनों को और अधिक सशक्त व प्रभावी बनाने की उम्मीद जताई। राणा ने खरगोन के वैकल्पिक नामकरण ‘नवग्रहपुरम’ के विचार को आगे बढ़ाने में भी सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।
अपने चयन पर आभार व्यक्त करते हुए नीरज ठक्कर ने कहा कि परिषद् ने जो विश्वास उन पर जताया है, उस पर वे खरा उतरने का हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने साहित्यिक नवाचार, युवा लेखकों को मंच देने और परिषद् की सक्रियता बढ़ाने को अपनी प्राथमिकता बताया।
इस अवसर पर जिपलेप परिवार के प्रकाश मंडलोई, नीरज पाठक, राकेश रागी, महेश जोशी, शर्मिष्ठा वर्मा, सिराज शेख सहित अन्य सदस्यों ने नीरज ठक्कर को बधाई दी और उनके कार्यकाल के सफल रहने की शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।

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