इंदौर–इच्छापुर हाईवे पर 10 दिन तक भारी वाहनों का आवागमन पूर्णतः प्रतिबंधित
खरगोन। जिले में जनसामान्य की सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सुश्री भव्या मित्तल ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। आदेश के तहत इंदौर–इच्छापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित मोरटक्का पुल से भारी मालवाहक वाहनों का आवागमन 27 दिसंबर 2025 से 5 जनवरी 2026 तक पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
जिला प्रशासन के अनुसार दिसंबर माह के अंतिम सप्ताह और नववर्ष के प्रारंभ में ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन एवं पावन नर्मदा नदी में स्नान के लिए प्रतिदिन दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना रहती है। ऐसे में मोरटक्का पुल पर अत्यधिक दबाव पड़ता है। पुल की संरचनात्मक क्षमता एवं संभावित जोखिमों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
यह आदेश केन्द्रीय मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 115 तथा मध्यप्रदेश मोटरयान नियम 1994 के नियम 215 के अंतर्गत जारी किया गया है। आदेश के अनुसार प्रतिबंध की अवधि में प्रतिदिन प्रातः 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक इंदौर–इच्छापुर हाईवे पर भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद रहेगा। हालांकि इस दौरान एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, पुलिस एवं अन्य आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों को प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है।
भारी वाहनों के संचालन में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था भी की है। खंडवा की ओर से आने वाले भारी वाहन बड़वाह तहसील में प्रवेश कर देशगांव होते हुए खरगोन–धामनोद मार्ग से एबी रोड तक पहुंच सकेंगे। वहीं इंदौर की ओर से आने वाले भारी वाहन खरगोन जिले से होते हुए देशगांव मार्ग से अपने गंतव्य तक जा सकेंगे।
जिला प्रशासन ने वाहन चालकों, परिवहन संघों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि वे जारी आदेश का पालन करें और निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। प्रशासन का कहना है कि यह कदम अस्थायी है, लेकिन श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और पुल की संरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। आदेश 5 जनवरी 2026 तक प्रभावशील रहेगा।

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